
हेलो दोस्तों स्वागत है आपका एथिकल हैकिंग के हिंदी ट्यूटोरियल मैं ,जहां पर आपको मिलती है एथिकल हैकिंग से जुड़ी सारी जानकारियां हिंदी में। आज हम बात करने वाले हैं एथिकल हैकिंग के important टॉपिक के बारे में जो है
-Dos Attack क्या होता है ?
-Dos Attack क्यों यूज़ होता है ?
-Dos Attack से कैसे बचें।
* Dos Attack क्या होता है ?
Dos का फुल फॉर्म होता है “denial of service” ,अब इसका नाम ही बहुत कुछ बता देता है मतलब किसी सर्विस को देने से इंकार करना। तो ये सर्विस क्या होती है क्यों इंकार किया जाता है जानते हैं पुरे विस्तार से।
Dos Attack में हैकर किसी website/network को टारगेट बनाता है और ,इतनी ज्यादा ट्रैफिक generate करता है की वेबसाइट/नेटवर्क उस ट्रैफिक को हैंडल नहीं कर पता है और आख़िरकार बंद हो जाता है। ऐसे में उस वेबसाइट के जितने भी रियल user होते हैं वे भी वेबसाइट पे available डाटा को access नहीं कर पाते हैं।
फ्रेंड्स , हर वेबसाइट या सर्वर का एक लिमिट होता है की वो एक टाइम में ज्यादा से ज्यादा कितने users को हैंडल कर सकता है ,लेकिन ये अटैक ऐसा होता है जिसमे लगातार बहुत ज्यादा ट्रैफिक generate होती है और जिसके वजह से सर्वर स्लो हो जाता है और कई बार क्रैश भी।
अगर हम वेबसाइट/सर्वर की बात करें तो आपने कई बार देखा होगा ही कुछ websites जिनपे बहुत ज्यादा ट्रैफिक आती है बहुत ही स्लो हो जाता है। जैसे की , websites जिनपे किसी एग्जाम का रिजल्ट आना होता है तो उनपे एक ही टाइम में बहुत सारे लोग एक साथ विजिट करते हैं और वेबसाइट थोड़ा स्लो काम करता है।माना ये जो वेबसाइट है उसकी लिमिट है की वो per second 1000 लोगों को हैंडल कर सकता है ,लेकिन अगर इस वेबसाइट पे Dos Attack हो जाये मतलब की इस वेबसाइट पे fake traffc आनी शुरू हो जाये तो per second user बढ़ जायेंगे और आख़िरकार सर्वर स्लो होते होते बंद भी हो सकता है , तो ऐसे condition में जो real विजिटर है वो अपना रिजल्ट नहीं देख पाएंगे।
तो दोस्तों हम इसे ही Dos Attack कहते हैं जिसमे fake traffc भेजकर सर्वर को इतना busy कर दिया जाता है की वो स्लो होते होते बंद हो जाता है और उस वेबसाइट के रियल users डाटा एक्सेस नहीं कर पाते हैं।
Dos Attack क्यों यूज़ होता है ?
फ्रेंड्स ,Dos Attack यूज़ करने के कई वजह हो सकती है। जिसमे से एक है competition , जैसे अगर कोई दो कंपनी एक ही बिज़नेस जैसे ecommerce करती है तो दोनों ही ये चाहेगी की दूसरे का बिज़नेस न चले। तो ऐसे condition में एक कंपनी दूसरे कंपनी के वेबसाइट down करने के लिए Dos Attack का इस्तेमाल कर सकती है। या फिर Blackhat hacker भी इसका इस्तेमाल दूसरे को परेशान करने के लिए करते हैं।
Dos Attack से कैसे बचें?
इस तरह के अटैक से बचने के लिए हम अपने Router के access-list को इस तरह configure कर सकते हैं की वो एक IP से आने वाली data-packets को एक लिमिट तक ही accept करे और बाकी को drop कर दे। साथ ही हम Firewall से भी उस IP को ब्लॉक कर सकते हैं जिससे unwanted traffic आ रहा हो।
दोस्तों राऊटर में “एक्सेस लिस्ट और फ़ायरवॉल ” के configuration से सम्बंधित जो की Basic networking का part है हम उसे भी आने वाले पोस्ट में पढ़ेंगे।
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